शुरुवात में – सुपरबुक – भाग 1 कड़ी 1 – पूर्ण कड़ी (आधिकारिक एचडी प्रारूप)
एक परिक्षा- सुपरबुक – भाग 1 कड़ी 2 – पूर्ण कड़ी (आधिकारिक एचडी प्रारूप)
याकूब और एसाव – सुपरबुक – भाग 1 कड़ी 3 – पूर्ण कड़ी (आधिकारिक एचडी प्रारूप)
मेरे लोगों को जाने दो – सुपरबुक – भाग 1 कड़ी 4 – पूर्ण कड़ी (आधिकारिक एचडी प्रारूप)
दस आज्ञाऐ – सुपरबुक – भाग 1 कड़ी 5 – पूर्ण कड़ी (आधिकारिक एचडी प्रारूप)
कारनामे कमाल के – सुपरबुक – भाग 1 कड़ी 6 – पूर्ण कड़ी (आधिकारिक एचडी प्रारूप)
फिर उस ने कहा; जो मनुष्य में से निकलता है, वही मनुष्य को अशुद्ध करता है। क्योंकि भीतर से अर्थात मनुष्य के मन से, बुरी बुरी चिन्ता, व्यभिचार। चोरी, हत्या, पर स्त्रीगमन, लोभ, दुष्टता, छल, लुचपन, कुदृष्टि, निन्दा, अभिमान, और मूर्खता निकलती हैं। ये सब बुरी बातें भीतर ही से निकलती हैं और मनुष्य को अशुद्ध करती हैं॥
